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  • मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता को समझें और खेती को लाभदायक बनाएं

    मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता को समझें और खेती को लाभदायक बनाएं

    Posted on : 27 Jan 2026 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

    मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता को समझें और खेती को लाभदायक बनाएं

    भारतीय किसान अक्सर कहते हैं कि उनकी जमीन अच्छी है या उनकी जमीन पर फसल कम आती है. लेकिन वास्तव में मिट्टी की गुणवत्ता समझने के लिए दो अलग-अलग वैज्ञानिक पहलुओं को समझना जरूरी है. यह पहलू हैं मिट्टी की उर्वरता और मिट्टी की उत्पादकता. इन दोनों के बीच अंतर समझ लेने से खेती अधिक लाभदायक हो सकती है.

    मिट्टी की उर्वरता क्या है ?
    मिट्टी की उर्वरता वह क्षमता है जिसके द्वारा मिट्टी फसल को पोषक तत्व उपलब्ध कराती है. इसमें प्राथमिक पोषक (NPK), द्वितीयक और सूक्ष्म तत्वों की उपलब्धता देखी जाती है. सेंद्रिय कार्बन, मिट्टी का pH और सूक्ष्मजीव गतिविधि उर्वरता को प्रभावित करते हैं.

    मिट्टी की उत्पादकता क्या है ?
    मिट्टी की उत्पादकता का अर्थ है कि किसान को वास्तव में खेत से कितना उत्पादन मिलता है. यह मिट्टी की जल धारण क्षमता, जल निकास, जलवायु, खेती तकनीक और प्रबंधन पर निर्भर करता है. इसलिए केवल उर्वरता होने से उत्पादन अधिक हो यह जरूरी नहीं है.

    उर्वरता और उत्पादकता में अंतर

    • उर्वरता = पोषक तत्वों की उपलब्धता

    • उत्पादकता = वास्तविक उत्पादन

    हर उर्वर मिट्टी उत्पादक नहीं होती और हर उत्पादक मिट्टी अत्यधिक उर्वर भी नहीं होती. उदाहरण के लिए, इज़राइल में रेतीली मिट्टी होने के बावजूद तकनीक से उच्च उत्पादन मिलता है.

    उर्वरता और उत्पादकता बढ़ाने के उपाय

    1. सेंद्रिय खाद, कंपोस्ट, गोबर खाद का उपयोग

    2. फसल चक्र (crop rotation) अपनाना

    3. मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग

    4. मिट्टी कटाव रोकना

    5. सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारना

     

    निष्कर्ष
    मिट्टी एक जीवित और सक्रिय माध्यम है. सही प्रबंधन, सही तकनीक और उर्वर मिट्टी मिलकर ही उत्पादन बढ़ाते हैं. मिट्टी को समझें, मिट्टी को बचाएं और खेती को लाभदायक बनाएं.