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  •  सायडेरोफोर्स – पिकों के लिए लौह (Iron) उपलब्ध कराने वाले सूक्ष्मजीवों के प्राकृतिक चिलेटर

    सायडेरोफोर्स – पिकों के लिए लौह (Iron) उपलब्ध कराने वाले सूक्ष्मजीवों के प्राकृतिक चिलेटर

    Posted on : 12 Feb 2026 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

    विषय : सायडेरोफोर्स – पिकों के लिए लौह (Iron) उपलब्ध कराने वाले सूक्ष्मजीवों के प्राकृतिक चिलेटर

    कृषि विज्ञान में आज यह स्पष्ट हो चुका है कि मिट्टी केवल खनिज तत्वों का भंडार नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत प्रयोगशाला है। मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्मजीव फसलों के पोषण, वृद्धि और उत्पादन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण जैविक तंत्र है – सायडेरोफोर्स (Siderophores)। ये सूक्ष्मजीवों द्वारा निर्मित प्राकृतिक चिलेटिंग यौगिक होते हैं, जो पौधों को लौह (Iron) उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।

    सायडेरोफोर्स क्या हैं?

    सायडेरोफोर्स ऐसे जैविक यौगिक हैं जिन्हें कुछ लाभकारी जीवाणु जैसे Pseudomonas, Bacillus, Azotobacter और Enterobacter आदि अपनी वृद्धि के लिए मिट्टी से लौह (Fe³⁺) को घुलनशील बनाने हेतु स्रावित करते हैं। सामान्यतः मिट्टी में लौह अघुलनशील रूप में पाया जाता है, जिसे पौधे सीधे अवशोषित नहीं कर पाते। सायडेरोफोर्स लौह के साथ मजबूत बंध बनाकर उसे घुलनशील और पौधों के लिए उपलब्ध बनाते हैं।

    मिट्टी में सायडेरोफोर्स की सक्रियता किन परिस्थितियों में अधिक होती है?

    सायडेरोफोर्स उत्पादन के लिए जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी, मध्यम नमी, संतुलित pH और कम रासायनिक तनाव वाली परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं। अत्यधिक रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का उपयोग मिट्टी के सूक्ष्मजीवों की संख्या और सक्रियता को कम कर देता है, जिससे प्राकृतिक रूप से लौह की उपलब्धता घट जाती है।

    सायडेरोफोर्स की कार्यप्रणाली

    सायडेरोफोर्स की क्रिया अत्यंत रोचक है।
    सूक्ष्मजीव सायडेरोफोर्स का स्राव करते हैं → ये मिट्टी में उपस्थित Fe³⁺ को पकड़ते हैं → सूक्ष्मजीव-वनस्पति प्रणाली के माध्यम से यह लौह पौधों तक पहुँचता है।

    इस प्रक्रिया से क्लोरोफिल निर्माण में सुधार होता है, प्रकाश संश्लेषण बेहतर होता है, पत्तियों का हरापन बढ़ता है तथा लौह की कमी से होने वाला पीलापन (Iron chlorosis) कम होता है। परिणामस्वरूप फसल की वृद्धि और उत्पादन दोनों में सुधार देखने को मिलता है।

    जैविक उत्पादों की भूमिका

    ROSIVA-PPFM जैसे उत्पाद पत्तियों के माध्यम से सूक्ष्मजीव संतुलन बढ़ाकर पोषण दक्षता सुधारने में सहायक होते हैं। वहीं PROBEZ (Bacillus consortium) मिट्टी में सक्रिय सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाकर सायडेरोफोर उत्पादन को प्रोत्साहित करता है। इन दोनों का संतुलित उपयोग लौह उपलब्धता और समग्र पोषण प्रबंधन के लिए प्रभावी रणनीति बन सकता है।

    किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

    मिट्टी में सेंद्रिय पदार्थ बढ़ाएँ।
    अनावश्यक रसायनों का अति प्रयोग न करें।
    जैविक उत्पादों को छायादार स्थान पर सुरक्षित रखें।
    हमेशा अनुशंसित मात्रा में ही प्रयोग करें।

    निष्कर्ष

    सायडेरोफोर्स प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि मिट्टी में सूक्ष्मजीव सक्रिय रहेंगे तो वे स्वयं पौधों के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। इसलिए मिट्टी को जीवंत बनाए रखना ही दीर्घकालीन उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल की कुंजी है।

     

    मिट्टी स्वस्थ रहेगी तो फसल स्वस्थ रहेगी, और फसल स्वस्थ रहेगी तो किसान समृद्ध होगा।