अमरावती स्थित श्री छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में हाल ही में हजारों किसानों की उपस्थिति में संतरा एवं मौसंबी फसलों पर आयोजित एक दिवसीय तकनीकी परिसंवाद में एग्री सर्च इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री प्रदीप कोठावदे ने किसानों का मार्गदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और निर्यात योग्य संतरा उत्पादन के लिए वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
इसके पश्चात डॉ. हरिहर कौसडीकर (मृदा विज्ञान विभाग प्रमुख, वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, परभणी) ने “गुणवत्तापूर्ण संतरा-मौसंबी उत्पादन के लिए भूमि का स्वास्थ्य एवं संरक्षण” विषय पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. योगेश इंगळे (सहयोगी प्राध्यापक, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला) ने कीट एवं रोग प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी, जबकि डॉ. राजेंद्र वानखेडे (कृषि विज्ञान केंद्र, अचलपूर) ने रोपण से लेकर कटाई तक अपनाई जाने वाली महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध संतरा सलाहकार डॉ. गोपाल भक्ते ने उर्वरक एवं सिंचाई प्रबंधन के साथ-साथ किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर प्रभावी समाधान सुझाए।
दोपहर के सत्र में डॉ. सतीश भोंडे ने मृदा, जल एवं पत्ती डंठल परीक्षण पर आधारित अमरावती और नागपुर संभाग के लिए अनुशंसाएं प्रस्तुत कीं। डॉ. ओमप्रकाश हिरे ने प्रत्यक्ष खेत प्रयोगों एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. प्रवीण बिसेन ने “एग्री सिट्रस” मोबाइल ऐप का प्रदर्शन कर यह स्पष्ट किया कि डिजिटल तकनीक किस प्रकार किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
“आपके प्रश्न – हमारे उत्तर” सत्र में उपस्थित विशेषज्ञों ने किसानों की सभी शंकाओं का समाधान किया। पूर्व रेशम संचालक डॉ. लक्ष्मीकांत कलंत्री ने अपनी ओजस्वी और प्रभावशाली शैली से पूरे सभागृह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस परिसंवाद में एग्री सर्च एवं मृगधारा एग्रो के संचालक श्री सुधाकर गानू, श्री अरुण मुळाने एवं श्री दिनकर बोरोले, ज़ोनल मैनेजर श्री भारत तिवारी, रीजनल मार्केटिंग मैनेजर डॉ. प्रवीण देशमुख सहित पूरी टीम उपस्थित थी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित किसानों ने एग्री सर्च (इंडिया) प्रा. लि., मृगधारा एग्रो प्रा. लि. तथा मृदगंध फाउंडेशन का विशेष अभिनंदन किया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी तकनीकी कार्यक्रमों की परंपरा बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।