सफल स्प्रे के लिए 7 महत्वपूर्ण नियम
फसल पर स्प्रे कृषि की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। दवा अच्छी होने के बावजूद यदि स्प्रे गलत किया जाए, तो अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। इसलिए नीचे दिए गए 7 नियम हर किसान के लिए जरूरी हैं।
1) सही दवा का चयन करें
फसल की अवस्था, रोग या कीट, तथा पोषक तत्वों की आवश्यकता को समझकर ही दवा या खाद का चयन करें। केवल अनुमान या पड़ोसी के सुझाव पर स्प्रे न करें।
2) पानी की गुणवत्ता जांचें
कठोर (Hard) या गंदे पानी में दवा सही प्रकार से काम नहीं करती। ऐसे में उचित adjuvant या water conditioner का उपयोग आवश्यक होता है।
3) सही एडजुवेंट का उपयोग करें
प्रभावी स्प्रे के लिए एडजुवेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं। पोषण और सिस्टमेटिक दवाओं के लिए Non-ionic adjuvant सुरक्षित माने जाते हैं, जबकि संपर्क क्रिया के लिए Anionic adjuvant उपयोग किए जा सकते हैं।
4) सुझाई गई मात्रा का पालन करें
अधिक मात्रा का मतलब अधिक परिणाम नहीं होता। ओवरडोज से पत्ते जलना, फल झड़ना और उत्पादन कम होना जैसी समस्याएँ होती हैं। इसलिए लेबल पर दी गई मात्रा का पालन करें।
5) स्प्रे का सही समय चुनें
स्प्रे सुबह जल्दी या शाम के समय करें। दोपहर की तेज धूप, तेज हवा या बारिश से पहले स्प्रे करने से बचें।
6) स्प्रे की तकनीक सही रखें
स्प्रे की बूंदें महीन हों और दवा पत्तों की दोनों सतहों पर समान रूप से जानी चाहिए। केवल हल्का नमी आए इतनी मात्रा में स्प्रे करें।
7) स्प्रे के बाद निरीक्षण करें
स्प्रे के बाद 2 से 3 दिन फसल का निरीक्षण करें। किसी भी विपरीत असर की स्थिति में अगला स्प्रे रोक दें।
निष्कर्ष
स्प्रे केवल दवा छिड़कने का काम नहीं बल्कि एक विज्ञान है। सही दवा + सही एडजुवेंट + सही समय = सफल स्प्रे। उचित स्प्रे तकनीक से कम लागत में अधिक उत्पादन मिलता है।