गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद पहचानने के लिए ५ महत्वपूर्ण मानदंड
आज बाज़ार में दर्जनों ब्रांड्स की जैविक खाद उपलब्ध है, लेकिन हर पैकेट पर "जैविक" लिखे होने का मतलब यह नहीं कि उसकी गुणवत्ता एक-सी है। कुछ खाद खेत में डालते ही असर दिखाना शुरू कर देती हैं, जबकि कुछ महीनों तक कोई फर्क नहीं डालतीं। अंतर कहाँ है? वह है — खाद की आंतरिक संरचना में, उसकी प्रक्रिया में और वह मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को कितना पोषण देती है, इसमें।
इस ब्लॉग में हम देखेंगे कि जैविक खाद चुनते समय वास्तव में क्या जांचना चाहिए, ताकि आपका पैसा और मेहनत दोनों बेकार न जाएं।
Carbon:Nitrogen अनुपात — २० से कम क्यों होना चाहिए
जैविक खाद की गुणवत्ता जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका है उसका C:N अनुपात (कार्बन से नाइट्रोजन अनुपात) देखना।
यह अनुपात महत्वपूर्ण क्यों है?
जब खाद मिट्टी में मिलाई जाती है, तब मिट्टी के सूक्ष्मजीव उसे विघटित (decompose) करने का काम करते हैं। इस प्रक्रिया के लिए सूक्ष्मजीवों को कार्बन (ऊर्जा के लिए) और नाइट्रोजन (कोशिका निर्माण के लिए) दोनों की आवश्यकता होती है।
● अगर खाद का C:N अनुपात २० से अधिक हो, तो सूक्ष्मजीव मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन को
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