मॅग्झा

मैग्नीशियम नाइट्रेट हेक्साहाइड्रेट "एग्री ग्रेड"

विशेषताएँ: पौधों के लिए मैग्नीशियम और नाइट्रोजन का त्वरित एवं अत्यधिक घुलनशील स्रोत प्रदान करता है। यह पूरी तरह से पानी में घुलनशील है, जिससे फर्टिगेशन या पर्णीय छिड़काव के माध्यम से पौधों द्वारा पोषक तत्वों का आसानी से अवशोषण होता है। यह क्लोराइड-मुक्त है, इसलिए इलायची जैसी क्लोराइड-संवेदनशील फसलों के लिए सुरक्षित है। पौधों में चयापचय, प्रकाश संश्लेषण और क्लोरोफिल के निर्माण में सुधार करता है। स्वस्थ जड़ों, फूलों और फलों के विकास में सहायता करता है, जिससे उपज की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होता है।

 

संघटन:
मैग्नीशियम (MgO के रूप में) – 15.5%
नाइट्रोजन (N) – 10.5%

Benefits

  • इलायची फसल के लिए: वृद्धि और उपज में सुधार करता है: क्लोरोफिल के निर्माण के लिए मैग्नीशियम आवश्यक है, जो प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है और पौधों की समग्र वृद्धि एवं मजबूती में सहायता करता है। पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है: नाइट्रोजन का नाइट्रेट रूप पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे जड़ों और पौधों के ऊपरी भाग की बेहतर वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है। पोषक तत्वों की कमी को रोकता है: इलायची अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता वाली फसल है, इसलिए इसमें अक्सर मैग्नीशियम की कमी हो सकती है, जिसके कारण पत्तियां पीली पड़ने और उपज कम होने की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम नाइट्रेट का नियमित प्रयोग इन समस्याओं को रोकने में मदद करता है। तनाव सहन करने की क्षमता बढ़ाता है: सूखे और पोषक तत्वों की कमी वाली मिट्टी जैसी पर्यावरणीय तनाव स्थितियों से पौधों की रक्षा करने में मैग्नीशियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ फलियों के विकास को बढ़ावा देता है: पर्याप्त मैग्नीशियम उपलब्ध होने से इलायची में बेहतर फल-स्थापन और फलियों के अच्छे विकास में सहायता मिलती है।

Dose

खुराक एवं प्रयोग की विधियाँ: पर्णीय छिड़काव: खुराक: 5–10 ग्राम मैग्नीशियम नाइट्रेट प्रति लीटर पानी में मिलाएँ। प्रयोग की आवृत्ति: फसल की वृद्धि अवस्था के दौरान प्रत्येक 15–20 दिनों के अंतराल पर प्रयोग करें। विधि: पत्तियों की दोनों सतहों पर समान रूप से छिड़काव करें और पूरी तरह से कवरेज सुनिश्चित करें। छिड़काव सुबह जल्दी या शाम के समय करें, ताकि सीधी धूप से बचा जा सके। फर्टिगेशन (ड्रिप सिंचाई): खुराक: प्रति हेक्टेयर प्रति प्रयोग 10–20 किलोग्राम की दर से प्रयोग करें। प्रयोग की आवृत्ति: विशेष रूप से अधिक वनस्पतिक वृद्धि और फल/फली बनने की अवस्था के दौरान प्रत्येक 30 दिनों में प्रयोग करें। विधि: सिंचाई के पानी में घोलकर ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से दें, जिससे पोषक तत्वों का प्रभावी अवशोषण हो सके। प्रयोग का समय: फूल आने से पूर्व अवस्था: स्वस्थ पौध वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक वानस्पतिक वृद्धि अवस्था में प्रयोग करें। फली विकास के दौरान: इलायची की फलियों के बनने एवं विकास के समय प्रयोग करना एक महत्वपूर्ण अवस्था है, जिससे अधिक उपज और बेहतर फली गुणवत्ता प्राप्त करने में सहायता मिलती है। तनाव की अवस्था में: सूखे की स्थिति में या जब पौधों में मैग्नीशियम की कमी के लक्षण दिखाई दें, जैसे पत्तियों की शिराओं के बीच पीलापन दिखाई देना, तब प्रयोग करें।

Available Packing

1 किलोग्राम 25 किलोग्राम