बहु-सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक
Lohadrip एक बहु-सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक है। इसे अत्याधुनिक तकनीक द्वारा सूक्ष्म दानेदार (Micro Granular) रूप में तैयार किया जाता है, जिससे यह पानी में आसानी से घुल जाता है तथा सामान्यतः उपयोग किए जाने वाले अधिकांश कीटनाशकों और उर्वरकों के साथ संगत रहता है।
Lohadrip की विशेषताएँ:
Lohadrip के विशिष्ट गुण फसल को जिंक (Zinc), बोरॉन (Boron) और आयरन (Iron) की कमी से उबरने में सहायता करते हैं।
केला, गन्ना, हल्दी, अदरक, खट्टे फलों की फसलें, अंगूर, टमाटर, बैंगन, मूंगफली आदि फसलों में आयरन और जिंक की कमी सामान्यतः देखी जाती है। फसल की इस पोषण संबंधी आवश्यकता को पूरा करने के लिए Lohadrip एक उपयुक्त विकल्प है।
चूना युक्त (Calcareous) और क्षारीय मिट्टी में जिंक एवं आयरन की कमी प्रमुख रूप से पाई जाती है। ऐसी परिस्थितियों में Lohadrip का प्रयोग इन सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को रोकने तथा मौजूदा कमी को दूर करने में सहायता करता है।
लोहाड्रिप का प्रयोग फसल की वृद्धि अवधि के दौरान, जब पौधे पोषक तत्वों का सक्रिय रूप से अवशोषण करते हैं, उस समय करना चाहिए। सामान्यतः वसंत ऋतु की शुरुआत या गर्मियों की शुरुआत में इसका प्रयोग किया जाता है। पोषक तत्वों की गंभीर कमी होने पर, विभाजित मात्रा में प्रयोग करना अधिक लाभदायक हो सकता है। प्रयोग की विधि एवं मात्रा: लोहाड्रिप का प्रयोग मिट्टी में फर्टिगेशन, ड्रेंचिंग या अन्य उर्वरकों के साथ मिलाकर किया जा सकता है। फसल की आवश्यकता एवं मिट्टी के प्रकार के अनुसार लोहाड्रिप की मात्रा प्रति एकड़, प्रति प्रयोग 500 ग्राम से 1 किलोग्राम तक रखें।
लोहाड्रिप सामान्यतः उपयोग किए जाने वाले अधिकांश कीटनाशकों और उर्वरकों के साथ संगत है। फिर भी, बड़े पैमाने पर मिश्रण करने से पहले जार परीक्षण करने की सलाह दी जाती है।