कैल्शियम सोल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया का संघटन
कीकॅल्शियम प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले कैल्शियम सोल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया (CSB) युक्त जैविक रूप से सक्रिय फॉर्मूलेशन है। ये लाभकारी सूक्ष्मजीव कार्बनिक अम्ल एवं चिलेटिंग यौगिक उत्पन्न करके मिट्टी में अघुलनशील कैल्शियम की उपलब्धता बढ़ाते हैं, जिससे पौधों द्वारा कैल्शियम का अवशोषण बेहतर होता है। यह फॉर्मूलेशन मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा संतुलित पोषक तत्वों के अवशोषण के माध्यम से स्वस्थ फसल वृद्धि में सहायता करता है।
विशेषताएँ: कम कैल्शियम वाली या उच्च pH वाली मिट्टी में भी कैल्शियम पोषण में सुधार करता है। कोशिका भित्ति की मजबूती बढ़ाकर जड़ों और पौधे के ऊपरी भाग के विकास को बढ़ावा देता है। मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की सक्रियता और पोषक तत्वों के चक्रण को बढ़ाता है। अधिकांश जैव उर्वरकों और जैविक इनपुट्स के साथ अनुकूल है। पर्यावरण-अनुकूल एवं अवशेष-मुक्त जैविक समाधान।
लक्षित फसलें: फल फसलें: अनार, अंगूर, केला, साइट्रस/नींबूवर्गीय फसलें, आम। सब्जियाँ: टमाटर, बैंगन, पत्तागोभी, फूलगोभी, भिंडी, मिर्च। खेत की फसलें: कपास, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन, मक्का, धान। बागान फसलें: चाय, कॉफी, इलायची, मसाला फसलें।
मृदा प्रयोग: 1–2 लीटर/एकड़ उत्पाद को 100–200 किलोग्राम अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट में मिलाकर पौधों की जड़ों के पास डालें। बुवाई, रोपाई या फसल की प्रारंभिक वृद्धि अवस्था के दौरान प्रयोग करें। ड्रिप सिंचाई (फर्टिगेशन): 1 लीटर/एकड़ उत्पाद को ड्रिप सिंचाई के माध्यम से फसल की अवस्था के अनुसार प्रत्येक 15–20 दिनों में दें। ड्रेंचिंग: 50–100 मिली उत्पाद को 200 लीटर पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों के आसपास दें। बीज/जड़ डिप उपचार: 50 मिली उत्पाद को 1 लीटर पानी में मिलाकर रोपाई से पहले पौध या रोपण सामग्री को 15–20 मिनट तक घोल में डुबोकर रखें।