Vertical farming एक नवीन कृषि पद्धति है जिसमें फसलें stacked लेयर में उगाई जाती हैं, सामान्यत: नियंत्रित इनडोर वातावरण में। यह कृषि तकनीक सीमित स्थान का उपयोग करके शहरी क्षेत्रों में लागू की जा सकती है, जिससे यह शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक आदर्श समाधान बन जाती है।
Vertical Farming की मुख्य विशेषताएँ:
- Stacked लेयर: फसलें वर्टिकल स्टैक्ड लेयर्स में उगाई जाती हैं, जो अक्सर ग्रीनहाउस या विशेष डिज़ाइन की गई इमारतों के अंदर होती हैं।
- नियंत्रित पर्यावरण: बढ़ने की परिस्थितियाँ जैसे तापमान, आर्द्रता, प्रकाश, और पानी को सावधानीपूर्वक नियंत्रित किया जाता है, जैसे हाइड्रोपोनिक्स (मिट्टी के बिना पौधों की वृद्धि), एरोपोनिक्स (हवा/कुहासा वातावरण में पौधों की वृद्धि), या एक्वापोनिक्स (मछली पालन के साथ पौधों की वृद्धि) जैसी तकनीकों का उपयोग करते हुए।
- संसाधन की दक्षता: Vertical farming पारंपरिक कृषि की तुलना में बहुत कम भूमि और पानी का उपयोग करती है। कम स्थान की आवश्यकता होने के कारण, फसलें अधिक घने और प्रभावी तरीके से उगाई जा सकती हैं।
- सालभर उत्पादन: चूंकि पर्यावरण नियंत्रित होता है, Vertical Farms सालभर फसलें उगाने में सक्षम होती हैं, मौसम या अत्यधिक मौसम स्थितियों से प्रभावित हुए बिना।
Vertical Farming के फायदे:
• स्थान की दक्षता: यह उन क्षेत्रों में कृषि करने की अनुमति देता है जहाँ भूमि की कमी है, जैसे शहरों में, छतों पर और इनडोर। • पानी की बचत: Vertical Farms सामान्यत: हाइड्रोपोनिक सिस्टम का उपयोग करते हैं, जो पारंपरिक कृषि की तुलना में 90% कम पानी का उपयोग करते हैं। • उच्च उपज: फसलों को स्टैक करके, किसान पर वर्ग फीट अधिक उत्पादन कर सकते हैं। • कम कीटनाशक: नियंत्रित पर्यावरण के कारण, कीटनाशक और खरपतवारनाशकों की आवश्यकता कम होती है, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध और सुरक्षित उपज होती है।