नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह क्लोरोफिल निर्माण, प्रोटीन संश्लेषण और समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, पौधे वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N₂) को सीधे अवशोषित नहीं कर सकते। इसके बजाय, वे इसे मिट्टी और उर्वरकों से विशिष्ट रूपों में ग्रहण करते हैं।
पौधों द्वारा अवशोषित नाइट्रोजन के प्रमुख रूप
नाइट्रेट (NO₃⁻):
- पौधों के लिए सबसे आसानी से उपलब्ध नाइट्रोजन का रूप।
- जड़ों द्वारा तेजी से अवशोषित होता है और पूरे पौधे में पहुंचता है।
- तेजी से वृद्धि और हरी पत्तियों को प्रोत्साहित करता है।
अमोनियम (NH₄⁺):
- नाइट्रोजन अवशोषण का एक अन्य प्रमुख रूप।
- नाइट्रेट की तुलना में कम गतिशील, लेकिन पौधों द्वारा प्रभावी रूप से उपयोग किया जाता है।
- जड़ों के विकास और तनाव सहनशक्ति को बढ़ाने में मदद करता है।
यूरिया (CO(NH₂)₂):
- सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला नाइट्रोजन उर्वरक।
- मिट्टी में अमोनियम (NH₄⁺) में परिवर्तित होता है, जिसे पौधे अवशोषित कर सकते हैं।
- वनस्पति विकास और उपज को बढ़ाता है।
जैविक नाइट्रोजन:
- पौधों और जानवरों के अवशेषों से प्राप्त होता है।
- मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव इसे धीरे-धीरे अमोनियम और नाइट्रेट में बदलते हैं।
- मिट्टी की उर्वरता को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखता है।
कृषि में नाइट्रोजन रूपों का महत्व
- संतुलित उर्वरक प्रबंधन: NO₃⁻ और NH₄⁺ का उचित अनुप्रयोग फसल उत्पादकता में सुधार करता है।
- कुशल पोषक प्रबंधन: लीचिंग (बहाव) और वाष्पीकरण से नाइट्रोजन के नुकसान को कम करता है।
- सतत कृषि: जैविक स्रोतों और जैव-उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है।