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  • ऑर्गेनिक कार्बन – मिट्टी के स्वास्थ्य की वास्तविक नींव

    ऑर्गेनिक कार्बन – मिट्टी के स्वास्थ्य की वास्तविक नींव

    Posted on : 28 Jan 2026 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

    ऑर्गेनिक कार्बन – मिट्टी के स्वास्थ्य की वास्तविक नींव

    आज भारतीय कृषि में मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। रासायनिक उर्वरकों का अधिक उपयोग, जैविक उर्वरकों की कमी, फसल अवशेषों का न सड़ना और सूक्ष्मजीवों की कमी के कारण मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है।

    ऑर्गेनिक कार्बन का महत्व

    स्वस्थ उत्पादन के लिए मिट्टी में कम से कम 0.75 से 1.0 प्रतिशत ऑर्गेनिक कार्बन होना आवश्यक है। ऑर्गेनिक कार्बन मिट्टी की संरचना सुधारता है, सूक्ष्मजीवों की वृद्धि बढ़ाता है, जल धारण क्षमता बढ़ाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करता है।

    कम उत्पादन का असली कारण

    अक्सर कम उत्पादन का कारण उर्वरकों की कमी नहीं बल्कि ऑर्गेनिक कार्बन की कमी होता है। कार्बन की कमी होने पर मिट्टी पोषक तत्वों को धारण नहीं कर पाती।

    ऑर्गेनिक कार्बन कहाँ कार्य करता है

    ऑर्गेनिक कार्बन मुख्यतः मिट्टी की ऊपर की 0 से 15 सें.मी. परत में कार्य करता है। इसलिए जैविक पदार्थ इसी परत में मिलाना अधिक प्रभावी होता है।

    कितना जैविक खाद आवश्यक

    वैज्ञानिक आकलन के अनुसार 1 हेक्टेयर क्षेत्र में 15 सें.मी. गहराई तक ऑर्गेनिक कार्बन 1 प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगभग 25 से 30 टन जैविक खाद आवश्यक होती है। अर्थात प्रति वर्ग मीटर 2.5 से 3 किलो जैविक खाद।

    ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने के उपाय

    कम्पोस्ट, गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, ग्रीन मैन्योरिंग, फसल अवशेष और जैविक सूक्ष्मजीव उत्पादों का नियमित उपयोग ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाता है। इसके लिए एग्री सर्च इंडिया प्रा. लि. का ओरिजिनो एक उपयुक्त विकल्प माना जाता है।

    निष्कर्ष

     

    ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाना एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन कार्बन बढ़ने के बाद मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरता है, उत्पादन स्थिर होता है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता घटती है।