पर्णरंध्र (Stomata) – पौधों के श्वसन द्वार और सही छिड़काव का महत्व

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    पर्णरंध्र (Stomata) – पौधों के श्वसन द्वार और सही छिड़काव का महत्व

    Posted on : 17 Dec 2025 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

     पर्णरंध्र (Stomata) – पौधों के श्वसन द्वार और सही छिड़काव का महत्व

    पत्तियों की सतह पर मौजूद बहुत छोटे-छोटे छिद्रों को पर्णरंध्र (Stomata) कहा जाता है। ये आँखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन पौधों के जीवन में इनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। श्वसन, प्रकाश संश्लेषण और पानी का संतुलन मुख्य रूप से पर्णरंध्रों के माध्यम से होता है।

    पर्णरंध्र क्या होते हैं?
    पर्णरंध्र पत्तियों पर मौजूद सूक्ष्म द्वार होते हैं, जो अधिकतर पत्ती की निचली सतह पर पाए जाते हैं। ये द्वार खुलने और बंद होने के माध्यम से गैसों और पानी की अदला-बदली को नियंत्रित करते हैं।

    जब पर्णरंध्र खुले होते हैं, तब कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) अंदर जाती है और ऑक्सीजन (O₂) व जलवाष्प बाहर निकलती है।

    पर्णरंध्र हमेशा खुले क्यों नहीं रहते?
    तापमान, नमी, मौसम और पौधों पर तनाव के अनुसार पर्णरंध्र खुलते और बंद होते रहते हैं। अधिक गर्मी या पानी की कमी होने पर ये बंद हो जाते हैं ताकि पानी की हानि रोकी जा सके।

    पर्णरंध्र कब अधिक खुले रहते हैं?
    सुबह 6:00 से 9:00 बजे
    शाम 4:30 से 6:30 बजे
    मध्यम तापमान और अच्छी आर्द्रता में

    पर्णरंध्र कब बंद हो जाते हैं?
    दोपहर की तेज धूप में
    अधिक तापमान और शुष्क हवा में
    पानी की कमी या गर्मी के तनाव में

    छिड़काव के लिए सही समय
    खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व, बायोस्टिमुलेंट या कीटनाशक तभी प्रभावी होते हैं जब वे पर्णरंध्रों के माध्यम से अवशोषित हों।

    उत्तम समय –
    सुबह 6 से 9 बजे
    शाम 4:30 बजे के बाद

    छिड़काव से बचने का समय
    दोपहर 11 से 4 बजे तक, क्योंकि इस समय पर्णरंध्र बंद रहते हैं और छिड़काव बेकार जाता है।

    निष्कर्ष
    सही समय पर छिड़काव करने से बेहतर परिणाम, कम खर्च और स्वस्थ फसल मिलती है। पर्णरंध्रों के विज्ञान को समझकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।