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    ट्राइकोडर्मा: कृषि के लिए एक शक्तिशाली बायोफंगीसाइड

    Posted on : 09 Mar 2025 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd.

    ट्राइकोडर्मा एक लाभकारी कवक है जो कृषि में पौधों के रोगों को नियंत्रित करने, वृद्धि को बढ़ावा देने और मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

    ट्राइकोडर्मा के फायदे:जैविक रोग नियंत्रण – फ्यूजेरियम, पायथियम और राइज़ोक्टोनिया जैसे कवकजनित रोगजनकों से लड़ता है। ✔ मूलों की वृद्धि को बढ़ाता है – मजबूत और स्वस्थ मूल विकास को प्रोत्साहित करता है। ✔ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करता है – कार्बनिक पदार्थों का विघटन करता है और सूक्ष्मजीव क्रियाकलाप को बढ़ाता है। ✔ पर्यावरण के अनुकूल और रासायनिक-मुक्त – रासायनिक फंगीसाइड्स का एक प्राकृतिक विकल्प। ✔ पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को उत्तेजित करता है – रोगों के खिलाफ पौधों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

    कृषि में ट्राइकोडर्मा का उपयोग:बीज उपचार – बीजों पर ट्राइकोडर्मा की परत चढ़ाने से प्रारंभिक संक्रमणों से बचाव होता है। ✔ मिट्टी का उपचार – कंपोस्ट या मिट्टी में मिलाने से पौधों की जड़ों का संरक्षण सुधारता है। ✔ पत्तियों पर स्प्रे – पत्तियों पर फंगीजनित आक्रमण को रोकने के लिए स्प्रे किया जाता है। ✔ कंपोस्ट प्रवर्धक – जैविक अपशिष्ट के विघटन को गति देता है।

     

    ट्राइकोडर्मा का उपयोग कैसे करें?बीज उपचार – १ किलो बीज के लिए ५-१० ग्राम ट्राइकोडर्मा मिलाएं। ✔ मिट्टी में ड्रेन्चिंग – १०० लीटर पानी में १ किलो ट्राइकोडर्मा मिलाकर खेत में उपयोग करें। ✔ जैविक खाद के साथ मिलाएं – १ टन कंपोस्ट के लिए २ किलो ट्राइकोडर्मा मिलाएं।