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  • टमाटर के पौधों में पोटैशियम की कमी: लक्षण, कारण और समाधान

    टमाटर के पौधों में पोटैशियम की कमी: लक्षण, कारण और समाधान

    Posted on : 25 Mar 2025 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd.

    परिचय
    पोटैशियम (K) टमाटर के पौधों के लिए महत्वपूर्ण है, यह फल के विकास, रोग प्रतिकार और समग्र वृद्धि को प्रभावित करता है। कमी होने पर उत्पादन और गुणवत्ता घट सकती है। लक्षणों की पहचान जल्दी करना प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक है।

    लक्षण

    • पीला और भूरा होना – पुराने पत्तों के किनारे पीले होते हैं और फिर भुरे हो जाते हैं।

    • कमजोर वृद्धि – धीमी वृद्धि, कमजोर तने और कम ऊर्जा।

    • कम फूल और फल की गुणवत्ता – कम फूल, छोटे फल और असमान पकना।

    • रोगों के प्रति बढ़ी हुई संवेदनशीलता – पौधे कवक और बैक्टीरियल संक्रमणों के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।

    कारण

    • असंतुलित पोषक तत्व – अत्यधिक नाइट्रोजन या कैल्शियम पोटैशियम के अवशोषण को अवरुद्ध करता है।

    • रेतीली या अधिक पानी वाली मिट्टी – पोटैशियम जल्दी बह जाता है।

    • कम जैविक पदार्थ और अम्लीय मिट्टी – पोटैशियम की उपलब्धता को कम करता है।

    समाधान

    • पोटैशियम-समृद्ध उर्वरकों का उपयोग करें – MOP, SOP, लकड़ी की राख या कंपोस्ट खाद का उपयोग करें।

    • NPK उर्वरक संतुलित करें – अत्यधिक नाइट्रोजन से बचें ताकि पोटैशियम की कमी न हो।

    • मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारें – पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए कंपोस्ट और जैविक पदार्थ डालें।

    • मिट्टी का pH (6.0–6.8) बनाए रखें – आवश्यकता होने पर चूना या जिप्सम का उपयोग करें।

    • फोलियर स्प्रे – त्वरित सुधार के लिए पोटैशियम नाइट्रेट का उपयोग करें।