नीम केक जैविक उर्वरक: लाभ, उपयोग और प्रयोग विधि

  • मुखपृष्ठ
  • नीम केक जैविक उर्वरक: लाभ, उपयोग और प्रयोग विधि
  • नीम केक जैविक उर्वरक: लाभ, उपयोग और प्रयोग विधि

    नीम केक जैविक उर्वरक: लाभ, उपयोग और प्रयोग विधि

    Posted on : 26 Apr 2025 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

    नीम केक जैविक उर्वरक: लाभ, उपयोग और प्रयोग विधि

    स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल खेती की दिशा में, नीम केक एक प्रभावशाली सहायक के रूप में उभरा है। यह नीम के बीजों से तेल निकालने के बाद बचा ठोस अवशेष होता है, जो प्राकृतिक उर्वरक और मृदा सुधारक के रूप में कार्य करता है। यह मिट्टी की सेहत और फसल की उत्पादकता दोनों को बढ़ाने में मदद करता है।

    नीम केक क्या है?

    नीम केक नीम के बीजों से तेल निकालने के बाद प्राप्त ठोस पदार्थ है। इसमें आवश्यक पोषक तत्वों और जैव सक्रिय यौगिकों की भरपूर मात्रा होती है। इसका प्रमुख पोषण तत्वों का विश्लेषण इस प्रकार है:

    • नाइट्रोजन (2.0% से 5.0%)

    • फॉस्फोरस (0.5% से 1.0%)

    • पोटेशियम (1.0% से 2.0%)

    • इसके अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, कॉपर, आयरन और मैंगनीज भी पाए जाते हैं।

    नीम केक के लाभ

    1. प्राकृतिक उर्वरक: नीम केक में मैक्रो और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स का संतुलित मिश्रण होता है, जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है और पौधों की स्वस्थ वृद्धि को प्रोत्साहित करता है।

    2. कीट एवं रोग नियंत्रण: इसमें अजाडिरेक्टिन, सालानिन और निमबिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो मिट्टी में पाए जाने वाले कीटों जैसे नेमाटोड, सफेद गेंड़ा कीट और दीमक को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

    3. मृदा स्वास्थ्य में सुधार: यह मिट्टी की बनावट को सुधारता है, जलधारण क्षमता बढ़ाता है और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता को प्रोत्साहित करता है, जिससे पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है।

    4. नाइट्रिफिकेशन को धीमा करना: नीम केक नाइट्रोजन यौगिकों को गैस में परिवर्तित होने से रोकता है, जिससे पौधों को लंबे समय तक नाइट्रोजन उपलब्ध रहता है।

    5. पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प: यह प्राकृतिक, जैविक और पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल उत्पाद है, जो रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करता है।

    उपयोग की विधियाँ

     

    1. मृदा में मिलाना: खेत की तैयारी के समय नीम केक को मिट्टी में मिलाएं, जिससे पोषक तत्व मिलें और कीटों से सुरक्षा हो।

    2. मल्चिंग: पौधों के चारों ओर नीम केक बिछाएं ताकि यह धीमी गति से पोषक तत्व देता रहे और कीटों को दूर रखे।

    3. तरल उर्वरक के रूप में: नीम केक को पानी में कुछ दिनों तक भिगोकर उसका अर्क बनाएं और इसे फोलियर स्प्रे या मिट्टी में डालने के लिए उपयोग करें।