K–Ca–Mg का परस्पर विरोध — संतुलन ही सफलता की कुंजी

  • मुखपृष्ठ
  • K–Ca–Mg का परस्पर विरोध — संतुलन ही सफलता की कुंजी
  • K–Ca–Mg का परस्पर विरोध — संतुलन ही सफलता की कुंजी

    K–Ca–Mg का परस्पर विरोध — संतुलन ही सफलता की कुंजी

    Posted on : 16 Dec 2025 By : Agri Search (India) Pvt. Ltd

    K–Ca–Mg का परस्पर विरोध — संतुलन ही सफलता की कुंजी

    पोटैशियम (K), कैल्शियम (Ca) और मैग्नीशियम (Mg) फसलों के लिए अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व हैं। लेकिन ये तीनों धनायन होने के कारण मिट्टी और जड़ों में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। जब किसी एक तत्व की मात्रा अधिक होती है, तो दूसरे का अवशोषण कम हो जाता है। इसे पोषक तत्वों का परस्पर विरोध कहा जाता है।

    अधिक K → Mg की कमी

    पोटैशियम और मैग्नीशियम के बीच सबसे अधिक विरोध पाया जाता है। पोटैशियम के लिए जड़ों में विशेष परिवहन प्रणाली होती है, जबकि मैग्नीशियम सामान्य मार्ग से अवशोषित होता है। इसलिए अधिक पोटैशियम होने पर सबसे पहले मैग्नीशियम की कमी दिखाई देती है। इसके कारण पत्तियों के किनारों पर पीलापन और हरियाली में कमी आती है।

    अधिक K → Ca की कमी

    पोटैशियम की अधिकता कैल्शियम के अवशोषण को भी कम कर देती है क्योंकि दोनों एक ही अवशोषण स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। टमाटर, मिर्च और अनार जैसी फसलों में इससे ब्लॉसम एंड रॉट, फलों में दरारें और भंडारण क्षमता में कमी होती है।

    Ca ↔ Mg परस्पर विरोध

    कैल्शियम और मैग्नीशियम दोनों द्विसंयोजक धनायन हैं, इसलिए एक की अधिकता दूसरे के अवशोषण को रोकती है। मिट्टी में कैल्शियम अधिक होने पर मैग्नीशियम की कमी जल्दी दिखाई देती है।

    संतुलन ही सर्वोत्तम उपाय

     

    फसलों को सही पोषण देने के लिए K : Ca : Mg का संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। सामान्यतः 3–5 : 3–5 : 1 का अनुपात उपयुक्त माना जाता है। असंतुलन की स्थिति में कैल्शियम और मैग्नीशियम की पूर्ति फोलियर स्प्रे द्वारा करनी चाहिए और पोटैशियम का अत्यधिक उपयोग कम करना चाहिए। सही संतुलन से फूल-फल विकास, गुणवत्ता और उत्पादन में स्पष्ट सुधार होता है।