FloraPhos – कैल्शियम और फॉस्फोरस एक साथ
हम आमतौर पर कैल्शियम और फॉस्फोरस को अलग अलग उर्वरक के रूप में देखते हैं। लेकिन प्रकृति में ये दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
कैल्शियम कोशिका भित्तियों को मजबूत करता है, जबकि फॉस्फोरस उन्हीं कोशिकाओं में ऊर्जा यानी ATP बनाता है। सही मात्रा और सही रूप में दोनों उपलब्ध हों, तभी फसल अंदर से मजबूत बनती है।
यही सिद्धांत मानव शरीर और हड्डियों के स्वास्थ्य पर भी लागू होता है।
इसी वैज्ञानिक आधार पर विकसित किया गया है FloraPhos (Calcium Di-hydrogen Phosphate), जो एक विशिष्ट फोलियर न्यूट्रिशन सिस्टम है। इसका pH बहुत कम यानी 1.1 होता है। जब इसे 2.5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाया जाता है, तो घोल का pH लगभग 4.5 हो जाता है।
यही वह जादुई खिड़की है।
pH 4.5 पर फॉस्फोरस H₂PO₄⁻ के रूप में उपलब्ध होता है, जो पौधों द्वारा सबसे अधिक अवशोषित किया जाता है। पत्तियों की क्यूटिकल का प्राकृतिक pH भी इसी सीमा में होता है, जिससे सूक्ष्म छिद्र खुलते हैं और फॉस्फोरस तेजी से अंदर प्रवेश करता है।
इस अम्लीय माध्यम में कैल्शियम फॉस्फोरस के साथ आयन पेयर बनाकर सीधे कोशिका भित्तियों में जमा हो जाता है।
इसी कारण FloraPhos के छिड़काव के बाद फूलों की संख्या बढ़ती है, फूल झड़ना कम होता है, फल अधिक सख्त बनते हैं, क्रैकिंग कम होती है और बैक्टीरिया व फफूंद का प्रकोप घटता है। ये सभी परिणाम खेत में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
FloraPhos केवल एक उर्वरक नहीं है।
यह फसल की कोशिकाओं के लिए स्वास्थ्य का टीकाकरण है।
सही pH, सही आयन और सही संतुलन यही FloraPhos की वास्तविक शक्ति है।