केला पौधों में सनबर्न के कारण
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उच्च तापमान: 35°C से ऊपर तापमान सनबर्न के जोखिम को बढ़ाता है।
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सीधा सूरज का प्रकाश: छांव न होने वाली पौधों के लिए अधिक संवेदनशील होती हैं।
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पानी की कमी: पौधों की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं, जिससे गर्मी का तनाव बढ़ता है।
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पोषक तत्वों की कमी: पोटेशियम, कैल्शियम और सिलिकॉन की कमी गर्मी के प्रतिरोध को घटाती है।
सनबर्न के लक्षण
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पत्तियों पर पीले/भूरे धब्बे।
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जलने वाली पत्तियों के टिप्स जो सूखकर मुरझाते हैं।
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फलों पर काले/भूरे निशान।
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गर्मी के समय मुरझाई या मुड़ी हुई पत्तियाँ।
समाधान :
✅ हेलमेट (संरक्षण कवच)
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गर्मी के नुकसान को कम करने के लिए एक सुरक्षा परत बनाता है।
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पानी की कमी को कम करता है और गर्मी सहनशीलता में सुधार करता है।
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खुराक: 1 लीटर पानी में 3-5 मि.ली. (सुबह या शाम को छिड़काव करें)।
✅ सिलिकोबूस्ट (सिलिकॉन वृद्धि संवर्धक)
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पौधों की कोशिकाओं को मजबूत करता है और गर्मी के प्रतिरोध को बढ़ाता है।
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पौधों के स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों के अवशोषण को सुधारता है।
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खुराक: 1 लीटर पानी में 2-3 मि.ली. (हर 15-20 दिनों में पुनरावृत्ति करें)।
अतिरिक्त टिप्स
✅ छोटे पौधों के लिए छांव जाल (50-60%) का उपयोग करें।
✅ मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए जैविक मल्च का उपयोग करें।
✅ गर्मी के मौसम में नियमित रूप से सिंचाई सुनिश्चित करें।